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 सहयोग आपका  प्रयास हमारा

  

अदरणीय हैहयवंशी बन्धुओं,

                             सादर अभिवादन,

 

                        महाराज कार्तवीर्य अर्जुन के जीवन, पराक्रम और महात्म्य के विषय में ऐतिहासिक ज्ञान ग्रंथों में छोटे- छोटे खंडो एवं अल्पमात्रा में बिखरे होने के कारण लोगों में कम ही देखने में आता है । यह ज्ञान एक संकलित ग्रंथ के रुप में न होने के कारण व्यापक नहीं हो पाया है और यही कारण है कि हम अपने प्राचीन पूर्वजों के वैभव, बल, पराक्रम, आदर्श, न्याय, कर्म, दान, धर्म, यज्ञ और संगठित ‌‌क्षत्रिय शक्ति परायणताओं को विस्मृत कर बैठे हैं ।  परिणाम स्वरुप हम अपनी सभ्यता और संस्कृति को भूला बैठे हैं । राग, द्वेष, ईर्ष्या और आपसी फूट के कारण ही हमारा पतन हुआ है । विवेक के अभाव में हम कर्म और अर्थ दोनों में पिछड़ गये हैं । अब समय आ गया है कि हम अपने पूर्वजों के आदर्श और जीवन के वृतान्त को समझें और उनके बतलाए हुए मार्ग पर चलकर अपनी उन्नति करने का प्रयास कर समाज की भी उन्नति करें । हमारा ध्येय व्यक्ति सुधार, परिवार सुधार और समाज सुधार का होना होना चाहिये । इसलिए हम सबका यही नारा है – हम सुधरेंगेसमाज सुधरेगे इसके लिए हम सभी को मिल जुलकर प्रयत्न करना चाहिये ।

                 बंधुऔं, इसके लिए हमें हैहयवंशी समाज को एकत्र करना है, 29 प्रदेशों और 196 देशों में रह रहे हैहयवंशी समाज व व्यक्तिों जनगणना करके सांख्यिक आकड़ा तैयार करना है । इस जनगणना पूरा विवरण अपनी वेब साइट www.haihaivanshiya.com पर डाल दी जाएगी जिससे समाज को जानकारी प्राप्त हो सके कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, मुम्बई, और अन्य प्रदेशों व देशों में रह रहे हैहयवंशी परिवारों की संख्या कितनी है ।  बंधुऔं, समाज के उत्थान के लिए हम सभी को मिल कर प्रयास करने है सभी बंधुऔं से पुन: अनुरोध है कि नीचे दिया गया लिंक को क्लिक करके जनगणना का फोर्म भरें ।  मुझे पुर्ण आशा एवं विश्वास है कि जनगणना से समाज को नई दिशा मिलेगी । ईश्वर से कामना है कि आप सभी बंधुओं को हर क्षेत्र में उतरोत्तर वृ‍व्द‍ि  होती रहे ।

पुन: हार्दिक शुभकामनाऐं 

 

 

 

 

 

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आवश्यक सूचना

 

अखिल भारतीय हैहयवंशीय क्षत्रिय केंद्रीय संचालन समिति” के वरिष्ठ सदस्यों व समाज के अधिकांश सदस्यों द्वारा श्री विनोद शास्त्री हैहयवंशी द्वारा प्रेषित पोस्ट की भर्त्सना की गई, जिसके बाद समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री भैयालाल जी ने अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए श्री विनोद शास्त्री जी (हाथरस) को समिति से पदमुक्त करते हुए उनकी प्राथमिक सदस्यता भी रद्द करने का निर्णय लिया है। इसका पत्र विनोद शास्त्री जी को भेज दिया गया है।

 

सनद रहे इसके पहले भी दो अन्य पदाधिकारियों श्री मनीष वर्मा (कानपुर)  श्री आनंद मोहन (इलाहाबाद) को भी अभद्र भाषा शैली व वरिष्ठ सदस्यों से दुर्व्यवहार स्वरूप अनुशासनात्मक कार्यवाही के रूप में पदमुक्त करने के उपरांत प्राथमिक सदस्यता से निलम्बन का पत्र भेजा जा चुका है !

 

विजय वर्मा हैहयवंशी, महासचिव, ABHKKSS

 

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